चुनाव प्रचार दिनोंदिन जुबानी तौर पर हिंसक होता जा रहा है. भले ही ये हिंसा पश्चिम बंगाल जैसी न हो. लेकिन जो घटिया स्वरूप दिखाई दे रहा है, वो किसी भी मायने में कम नहीं है - और ये सिर्फ बिहार की बात नहीं है.
लालू यादव की पार्टी आरजेडी की जमुई रैली में जिस तरह चिराग पासवान को मां की गाली दी गई है, वो किसी हिंसक घटना से कम है क्या? जो कुछ हुआ है, उसके बाद और बचता क्या है? अगर वैसी ही प्रतिक्रिया चिराग पासवान के समर्थकों की तरफ से होने लगे, तो क्या हाल होगा?
फिर भी चिराग पासवान ने गाली दिये जाने के बाद भी जो बड़प्पन दिखाया है, वो तारीफ के काबिल है. लेकिन उसी वाकये पर तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया में परिपक्वता दिखाई देना तो दूर, साफ साफ संवेदहीनता दिखाई पड़ रही है.
ऐसा नहीं है कि बिहार में ऐसी घटना कोई पहली बार हुई है. 2015 का डीएनए कांड भला कौन भूल सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीतीश कुमार के डीएनए में खोट बताते ही, बिहार से लालू यादव ने झोला भर भर के सैंपल भिजवाना शुरू कर दिया था.
और 2023 के आखिर में विधानसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से राहुल गांधी की रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पनौती बोला गया. जिस तरह से चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी की तुलना रावण से कर डाली. जिस तरह से असल के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी की तुलना सद्दाम हुसैन से कर डाली थी - बिहार की घटना उससे दो कदम आगे लगती है.
नेताओं का एक-दूसरे को कुछ कहना, और एक-दूसरे को मां-बहन की गाली देना, डीएनए कांड और पनौती-पनौती की नारेबाजी से दो कदम आगे का मामला है - ये बहुत गंभीर मामला है, और चुनावी हिंसा से कम नहीं है.
वायरल वीडियो में क्या है
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल की चुनावी रैली का एक वीडियो वायरल हुआ है. वायरल वीडियो में कुछ लोग चिराग पासवान की मां को लेकर गंदी गंदी गालियां दे रहे हैं - और ये तब की बात है जब तेजस्वी यादव मंच पर ही मौजूद हैं.
जमुई से ही चिराग पासवान लोकसभा सांसद हैं. 2014 और 2019 में चुनाव जीत चुके चिराग पासवान इस बार 2024 में अपने पिता की लोकसभा सीट हाजीपुर से चुनाव लड़ रहे हैं. जमुई से चिराग पासवान ने अपने जीजा अरुण भारती को उम्मीदवार बनाया है.
आरजेडी ने जमुई से अर्चना रविदास को अपना उम्मीदवार बनाया है. ये वाकया तभी का है जब अर्चना रविदास के लिए तेजस्वी यादव रैली में हिस्सा लेने पहुंचे थे. वीडियो में ये भी देखा गया है कि जब लोग चिराग पासवान को गालियां दे रहे हैं, तो तेजस्वी यादव मंच से लोगों को संबोधित कर रहे हैं, और अर्चना रविदास भी पास में मौजूद है.
चिराग ने तेजस्वी को कठघरे में खड़ा कर दिया
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चिराग पासवान ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई और रिश्तों की दुहाई देते हुए तेजस्वी यादव को खूब खरी खोटी सुनाई. चिराग पासवान ने कहा कि उनको सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि मंच पर तेजस्वी यादव मौजूद थे.
तेजस्वी यादव को अपना छोटा भाई बताते हुए चिराग पासवान ने याद दिलाया कि दोनों के बीच जो पारिवारिक रिश्ता है, उसकी वजह से ही उन पर ये आरोप भी लगता है कि वो लालू यादव के परिवार से बेहतर रिश्ता निभाते हैं. चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान और लालू यादव का जिक्र करते हुए बताया कि दोनों ने साथ साथ राजनीति की, और साथी रहे हैं.
चिराग पासवान बताते हैं कि तेजस्वी यादव और वो बचपन में साथ साथ खेले हैं. कहते हैं, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह है, फिर भी रिश्ते को दोनों ने खूबसूरती से निभाया है - लेकिन चिराग पासवान को हैरानी इस बात को लेकर है कि तेजस्वी यादव के सामने ही उनके परिवार के लोगों को गाली दी जाती है.
लोक जनशक्ति पार्टी नेता चिराग पासवान कहते है, मां सिर्फ मेरी ही नहीं उनकी भी है... जो पारिवारिक रिश्ता है.
चिराग पासवान का कहना है, मैं अगर तेजस्वी जी की जगह होता और कोई उनके परिवार को कोई गाली देता तो मैं मुंहतोड़ जवाब देता... मेरे लिए आदरणीय राबड़ी देवी जी भी मां हैं... और मैं कतई फर्क नहीं करूंगा... उनकी और मेरी मां... उनकी बहनों के लिए उतना ही सम्मान है, जितना मेरी अपनी बहनों के लिए है.
अफसोस जताते हुए चिराग पासवान कह रहे हैं, वो वहां पर खड़े रहे, सुनते रहें... एक शब्द बोलना जरूरी नहीं समझा.
पूरे मामले में तेजस्वी यादव की जो प्रतिक्रिया आई है, वो काफी अजीब है. हो सकता है, घटना के वक्त वो ध्यान न दे पाये हों. ये ठीक है कि तब उनका ध्यान अपने भाषण पर रहा होगा, लेकिन बाद में जब चिराग पासवान की तरह उनको भी पता चला होगा तो क्या उनको जरा भी दुख नहीं हुआ होगा?
अपनी तरफ से सफाई में तेजस्वी यादव ने कहा है, हम अपना भाषण दे रहे थे... ऐसे में कौन वीडियो बनाया... और कौन गालियां दे रहा था? मुझे सुनाई नहीं दिया... लोग तो ऐसे ही बात करते रहते हैं... कोई वीडियो बनाकर डाल दिया... सब लोग ऐसी बात समझते हैं... हम लोगों को कई लोग ऐसी गालियां देते होंगे... इस बात को तूल नहीं दिया जाये.
चिराग भी आ गई जंगलराज की याद
बिहार का शायद ही कोई चुनाव ऐसा होता हो जब जंगलराज का जिक्र न आता हो. बीजेपी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लालू यादव और राबड़ी देवी के शासन को जंगलराज के नाम से बुलाते हैं.
लोकसभा चुनाव 2024 में भी बीजेपी के कैंपेन में बिहार पहुंचते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जंगलराज की याद दिलाने लगे हैं - और एक चुनाव में तो मोदी ने तेजस्वी यादव को 'जंगलराज का युवराज' बता डाला था.
लेकिन चिराग पासवान को ऐसी बातों से परहेज करते देखा गया है. और तेजस्वी यादव से पारिवारिक रिश्ता ही इसकी वजह भी लगती है, लेकिन जमुई के गालीकांड के बाद चिराग पासवान इतने गुस्से में हैं कि उनके मुंह से भी जंगलराज शब्द सुनाई देने लगा है.
चिराग पासवान कहते हैं, ये याद दिलाता है... उस दौर की, जिस दौर की याद लोगों को ना आये इसलिए तेजस्वी यादव ने 2020 के चुनाव में अपने पिता की तस्वीर हटा दी थी... लोगों को जंगलराज की याद ना आये इसलिए बैनर-पोस्टर से अपने ही पिताजी की तस्वीर हटा दी थी.
और सिर्फ इतना ही नहीं, तेजस्वी यादव ने तो 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जंगलराज को लेकर कई बार लोगों से माफी भी मांगी थी, लेकिन लोगों ने तेजस्वी यादव को माफ नहीं किया और नीतीश कुमार को फिर से सत्ता सौंप दी.
तेजस्वी यादव की सभा में चिराग पासवान को दिये जाने के मामले में लोक जनशक्ति पार्टी ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें वायरल वीडियो में नजर आ रहे आरजेडी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि ऐसे लोगों पर चुन-चुनकर कर कार्रवाई की जाएगी... ऐसे गाली देने वाले लोग बचेंगे नहीं.
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल साइट X पर लिखा है, 'अभी तक तो राजद के गुंडे कैमरे के पीछे दलितों पर हमले करते थे, हमारे आबरू के साथ खिलवाड़ करते थे... पर जमुई की सभा में तो तेजस्वी यादव के इशारे पर चिराग पासवान जी जैसे दलित नेता को मां बहन की गाली दी गई, जो शर्मनाक है.'