फिल्म 'गदर 2' ने इतिहास रच दिया है. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई कर रही है. रिलीज के 18वें दिन भी फिल्म को लेकर लोगों में क्रेज देखा जा रहा है. यही वजह है कि इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 659 करोड़ रुपए (5 सितंबर) तक पहुंच गया है. इंडियन बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म की कमाई 503.67 करोड़ रुपए हो चुकी है. इतना ही नहीं इस फिल्म ने पिछले साल की ब्लॉकबस्टर यश स्टारर 'केजीएफ 2' (435 करोड़ रुपए) का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है.
'गदर 2' हिंदी सिनेमा के इतिहास में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है. अब इसके सामने प्रभास की 'बाहुबली 2' (511 करोड़ रुपए) और शाहरुख खान की 'पठान' (543 करोड़ रुपए) है. 'गदर 2' की कमाई की रफ्तार देखकर कहा जा सकता है कि ये बहुत जल्द इन दोनों का रिकॉर्ड भी तोड़ देगी.
'गदर 2' की लोकप्रियता के साथ ही बॉलीवुड अभिनेता सन्नी देओल के लेकर लोगों के बीच में गजब का क्रेज देखने को मिल रहा है. उनकी एक्टिंग, डायलॉग डिलिवरी और बॉडी लैंग्वेज का तो हर कोई कायल है. फिल्म में जब वो दहाड़ते हैं, तो सिनेमाघर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठते हैं. उनके एक्शन सीन ऐतिहासिक होते हैं, जिन्हें लोग लंबे समय तक याद रखते हैं. 'गदर' का वो सीन भला कौन भूल सकता है, जब उन्होंने फिल्म में पाकिस्तान में जाकर हैंडपंप उखाड़ दिया था.
'गदर 2' में उस सीन को भुनाने के लिए सन्नी को बिजली का खंभा उखाड़ते हुए दिखाया गया है. 90 के दौर में जवान हो रहे लोगों के लिए सन्नी देओल किसी आईकॉन की तरह हैं. उस वक्त उनकी कई बेहतरीन फिल्में रिलीज हुई थीं, जिनमें 'घायल', 'नरसिम्हा', 'विश्वात्मा', 'दामिनी', 'डर' और 'वीरता' का नाम प्रमुख है. 'गदर 2' ने एक बार फिर लोगों को सन्नी की शानदार फिल्मों की याद दिला दी है. अब उनकी कई फिल्मों के सीक्वल बनाने की मांग हो रही है. आइए उनके बारे में जानते हैं.
1. बेताब (Betaab)
''जब हम जवां होंगे, जाने कहां होंगे, लेकिन जहां होंगे, वहां फरियाद करेंगे, तुझे याद करेंगे''...साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म 'बेताब' का ये गाना आज भी कई लोगों की जुबां पर होता है. इस लव स्टोरी फिल्म के लगभग सभी गाने उस वक्त खूब मशहूर हुए थे. इस फिल्म के जरिए ही 40 साल पहले सन्नी देओल ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था. उनके साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस अमृता सिंह को भी लॉन्च किया गया था. दोनों की ये पहली फिल्म थी, लेकिन रिलीज के बाद रातों-रात स्टार बन गए थे.
इस फिल्म ने मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र के बड़े बेटे सन्नी को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर दिया. फिल्म में सन्नी और अमृता के साथ शम्मी कपूर, निरूपा रॉय, प्रेम चोपड़ा और रेहाना भी अहम भूमिका में थे. जिस दौर में 'बेताब' रिलीज हुई थी, उस वक्त अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना का जलवा था. उन दोनों के सामने टिकना किसी भी कलाकार के लिए मुश्किल था, लेकिन सन्नी ने अपनी अलहदा अदाकारी से अपना अलग मुकाम बनाया. डेब्यू के बाद एक दशक तक ब्लॉकबस्टर फिल्में देते रहे.
फिल्म 'बेताब' महज 3 करोड़ के बजट में बनी थी. लेकिन इसका लाइफ टाइम कलेक्शन 13.5 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो कि आज के समय के हिसाब से 228 करोड़ रुपए के बराबर है. इस फिल्म ने अपनी लागत से चार गुना से अधिक की कमाई करके रिकॉर्ड बना दिया. ये साल 1983 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. इसका निर्देशन राहुल रवैल ने किया था, जो कि उन दोनों लव स्टोरी पर बनने वाली फिल्मों के मास्टर थे. उन्होंने फिल्म 'लव स्टोरी' बनाई थी, जिससे कुमार गौरव ने डेब्यू किया था.
सीक्वल क्यों बनना चाहिए:- हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लव स्टोरी की हमेशा डिमांड रही है. साल 1980 से 1990 तक का दौर छोड़ दें तो ज्यादातर फिल्मों की कहानी के केंद्र में लव स्टोरी ही रही हैं. सन्नी देओल और अमृता सिंह के साथ दो नई जोड़ियों को लेकर 'बेताब' का सीक्वल बनाया जा सकता है. इसे सन्नी की लोकप्रियता का जबरदस्त फायदा मिलेगा.
2. नरसिम्हा (Narsimha)
साल 1991 में फिल्म 'नरसिम्हा' रिलीज हुई थी, जिसे एन चंद्रा ने निर्देशित किया था. इस फिल्म में सन्नी देओल के साथ डिंपल कपाड़िया, रवि बहल, उर्मिला मातोंडकर और ओम पुरी मुख्य भूमिका में था. 'नरसिम्हा' जिस दौर में रिलीज हुई, उसमें एंग्री यंग मैन यानी अमिताभ बच्चन का सितारा धीरे-धीरे गर्दिश में जा रहा था. उनकी जगह लेने के लिए बॉलीवुड के कई अभिनेताओं में होड़ मची हुई थी. कभी चॉकलेटी ब्वॉय रहे सन्नी देओल ने अपनी छवि तोड़कर एग्रेसिव कैरेक्टर करना शुरू कर दिया था.
फिल्म 'नरसिम्हा' से पहले 'यतीम', 'त्रिदेव', 'क्रोध', 'आग का गोला', 'घायल', 'योद्धा' और 'शंकारा' जैसी फिल्में करके वो खुद को एंग्री यंग मैन के रूप में स्थापित कर चुके थे. इसका फायदा उन्हें 'नरसिम्हा' में मिला. इस फिल्म को लोगों ने बहुत पसंद किया. इसकी वजह से 2.60 करोड़ रुपए की लागत में बनी इस फिल्म ने 9 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया. ये उस साल की आठवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. इस फिल्म का गाना 'जाओ तुम चाहे जहां, याद करोगे वहां'' खूब मशहूर हुआ था.
सीक्वल क्यों बनना चाहिए:- पिछले साल रिलीज हुई 'केजीएफ 2' और 'पुष्पा: द राइज' जैसी फिल्मों की जबरदस्त सफलता ने बता दिया है कि दर्शक अभी भी सिनेमा में 'एंग्री यंग मैन' की तलाश कर रहे हैं. जो जरायम की दुनिया में रहते हुए भी न्याय का साथ देता है. इस दौर में 'नरसिम्हा' का सीक्वल तहलका मचा सकता है.
3. दामिनी (Damini)
''तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख मिलती रही है लेकिन इंसाफ नहीं मिला माई लॉर्ड, इंसाफ नहीं मिला, मिली है तो सिर्फ ये तारीख''...राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म 'दामिनी' का ये डायलॉग आज भी उतना ही मशहूर है, जैसे साल 1993 में रिलीज के वक्त था. फिल्म का एक दूसरा डायलॉग ''जब यह ढाई किलो का हाथ किसी पे पड़ता है तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है'', भी लोग खूब सुनाते हैं. गैंगरेप जैसे संवेदनशील विषय पर बनी इस फिल्म में सन्नी के साथ मीनाक्षी शेषाद्रि, ऋषि कपूर और अमरीश पुरी अहम भूमिका में हैं. फिल्म में मीनाक्षी का किरदार केंद्र में है. लेकिन वकील की भूमिका में सन्नी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था.
बताया जाता है कि इस फिल्म में सन्नी देओल केवल कैमियो रोल करने वाले थे. लेकिन फिल्म में उनकी एंट्री के साथ उनके किरदार का विस्तार होता गया. बाद में उनकी भूमिका ऋषि कपूर से भी अहम हो गई. इस पर एक ऋषि ने कहा था, "मुझे फिल्म का हीरो भले ही बनाया गया था, लेकिन कैमियो रोल में सन्नी को ज्यादा वाहवाही मिली. मुझे जब कहानी सुनाई गई तो मेरा किरदार ज्यादा अहम और प्रभावशाली लगा, लेकिन फिल्म देखने पर लगा कि सनी देओल ने सारा क्रेडिट ले लिया है. शायद दर्शकों को उनका किरदार ज्यादा बेहतर लगा. उन्हें इस रोल के लिए कई सारे नेशनल अवार्ड भी मिले." 2.05 करोड़ रुपए की लागत में बनी इस फिल्म ने 11.75 करोड़ रुपए का कारोबार किया था.
सीक्वल क्यों बनना चाहिए:- फिल्म 'दामिनी' जिस विषय पर आधारित है, वो आज भी प्रासंगिक है. हिंदुस्तान में आज भी हर घंटे तीन महिलाओं/लड़कियों के साथ रेप हो रहे हैं. निर्भया कांड जैसी जघन्य वारदात आज भी सबके जेहन में जिंदा है. ऐसे में इस विषय पर फिल्म बनी फिल्म, वो भी 'दामिनी' के सीक्वल के नाम पर ब्लॉकबस्टर साबित होगी.
4. घायल (Ghayal)
साल 1990 में रिलीज हुई फिल्म 'घायल' का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया था. इस फिल्म के जरिए बतौर डायरेक्टर उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया था. फिल्म को सन्नी के पिता दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने प्रोड्यूस किया था. क्योंकि इस फिल्म में कोई भी प्रोड्यूसर पैसे लगाने के लिए तैयार नहीं हो रहा था. लेकिन धर्मेंद्र को कहानी और अपने बेटे पर पूरा भरोसा था. इसमें सन्नी के साथ मीनाक्षी शेषाद्रि, राज बब्बर, अमरीश पुरी, मौसमी चटर्जी, अन्नू कपूर, ओम पुरी और सुदेश बेरी अहम भूमिका में हैं.
फिल्म जब रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला आमिर खान की 'दिल' से था. लेकिन दोनों फिल्मों ने शानदार कमाई की थी. 'दिल' एक रोमांटिक लव स्टोरी थी, तो 'घायल' एक्शन थ्रिलर थी. इसलिए दोनों फिल्मों को लोगों ने खूब पसंद किया. 2.5 करोड़ रुपए के बजट में बनी 'घायल' 20 करोड़ रुपए का कलेक्शन करके कमाल कर दिया. इतना ही नहीं फिल्म फेयर के आठ कैटेगरी में इसको नॉमिनेशन मिला, जिसमें सात अहम अवॉर्ड इसने अपने नाम किए थे. इसे नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था.
सीक्वल क्यों बनना चाहिए:- 'घायल' सन्नी देओल के करियर की बेहतरीन फिल्मों में से एक है. सन्नी जिस तरह के किरदार के लिए जाने जाते हैं, वैसा उन्होंने इस फिल्म में भी निभाया है. फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिलना, इसकी लोकप्रियता का सबूत है. अच्छी कहानी के साथ यदि फिल्म का सीक्वल बना तो हिट होने से कोई रोक नहीं सकता.
5. बॉर्डर (Border)
जब भी शानदार कहानी, बेहतरीन अभिनय, मनमोहक संगीत और धासूं एक्शन की बात होती है, फिल्म 'बॉर्डर' का नाम सबसे पहले आता है. जेपी दत्ता के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सन्नी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर, कुलभूषण खरबंदा, तब्बू, राखी और पूजा भट्ट सहित कई कलाकार थे, लेकिन सन्नी का किरदार सबसे ज्यादा मशहूर हुआ था. उन्होंने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी की भूमिका निभाई थी, जिन्होंने 1971 में लोंगेवाला की लड़ाई में पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ा दिए थे.
फिल्म 'बॉर्डर' को साल 1997 में रिलीज किया गया था. देशभक्ति से ओतप्रोत इस फिल्म ने तहलका मचा दिया. महज 10 करोड़ रुपए की लागत में बनी इस फिल्म ने 66 करोड़ रुपए का कलेक्शन करके इतिहास रच दिया. इस फिल्म के गाने भी खूब पसंद किए गए. ''संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं''...से लेकर ''मेरे दुश्मन मेरे भाई'' तक को लोगों ने खूब गुनगुनाया. आज भी 15 अगस्त और 26 जनवरी को ये गाने खूब बजते हैं. 'बॉर्डर' को चार फिल्म फेयर और तीन नेशनल अवॉर्ड मिले थे. 'बॉर्डर' के सीक्वल पर काम शुरू हो गया है.
सीक्वल क्यों बनना चाहिए:- 'गदर 2' सफलता के बाद सन्नी देओल की किसी फिल्म के सीक्वल की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वो 'बॉर्डर' है. लोग एक बार फिर सन्नी को भारतीय फौज की वर्दी में दुश्मनों का सामना करते हुए देखना चाहते हैं. चीन और पाकिस्तान के साथ हुई जंग की ऐसी कई कहानियां हैं, जिस पर फिल्म का सीक्वल बनाया जा सकता है.