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Google Search का एक फीचर दुनिया भर की वेबसाइट्स के लिए बन रहा तबाही का कारण

Google AI overview Explained: गूगल सर्च में Gemini पावर्ड AI Overview आ चुका है. भारत में फिलहाल इसे सर्च लैब्स के जरिए यूज किया जा रहा है, लेकिन अमेरिका में ये सभी के लिए रोल आउट हो चुका है. Google Search में AI Overview की वजह से दुनिया की कई बड़़े पब्लिशर्स परेशान हैं. लेकिन ऐसा क्यों है? यूजर्स और पब्लिशर्स के प्वाइंट ऑफ व्यू से AI Overview कैसा है और क्या है इसकी पूरी कहानी आइए समझने की कोशिश करते हैं.

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Google AI Overview
Google AI Overview

Google IO 2024 के दौरान वैसे तो कई बड़े ऐलान हुए, लेकिन एक ऐसा भी ऐलान हुआ जो दुनिया भर के पब्लिशर्स को रास नहीं आया. दरअसल Google ने AI Overview पेश किया है जो गूगल सर्च का एक्स्पीरिएंस पूरी तरह से बदल कर रख देगा. इसकी टेस्टिंग तो काफी पहले से चल रही है, लेकिन अब इसे पब्लिक रोलआउट किया जा रहा है. 

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Search Lab के जरिए मैं भी इस फीचर को पिछले कई महीनों से यूज कर रहा हूं और मैं आपको ना सिर्फ अपना एक्स्पीरिएंस बता रहा हूं, बल्कि ये भी बता रहा हूं कि गूगल का ये कदम कॉन्टेंट पब्लिशिंग में क्या भूचाल ला सकता है.

दुनिया भर की कॉन्टेंट वेबसाइट्स का काफी ट्रैफिक गूगल सर्च से आता है. ऐसे में अगर गूगल सर्च से ट्रैफिक आना बंद हो जाए तो जाहिर है वेबसाइट्स को Monetisation करने में मुश्किल होगी और रेवेन्यू पर सीधा असर पड़ेगा.

गूगल का नया फीचर (AI Overview) दरअसल वेबसाइट ट्रैफिक को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. ऐसा नहीं है कि गूगल को वेबसाइट्स और दूसरे पब्लिशर्स की जरूरत नहीं है. गूगल अभी भी तमाम जानकारियां वेबसाइट्स से ही उठा कर देगा, लेकिन अब तरीका बदला हुआ होगा. 

आखिर ऐसा क्या है Google AI Overview में?

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सबसे पहले जानते हैं कि क्या है AI overview

गूगल का एआई जेनेरेटेड ओवरव्यू दरअसल नया सर्च रिज़ल्ट इंटरफ़ेस है जहां Gemini का यूज होता है. ये पूरी तरह Generative AI बेस्ड है.  मौजूदा समय में आप गूगल पर कुछ सर्च करते हैं तो रिज़ल्ट में आपको ब्लू लिंक्स की लिस्ट मिलती है. आप इन लिंक्स को क्लिक करके जो ढूँढना चाहते हैं वो ढूँढते हैं. लेकिन  AI generated overview के आने के बाद सबसे ऊपर आपको AI जेनेरेटेड कॉन्टेंट दिखेंगे. 

AI overview

उदाहरण के तौर पर आप Google पर सर्च करेंगे कि How to make lemonade or How to deal with cold and flu. इसके जवाब में Google का Generative AI आपको क्यूरेटेड कॉन्टेंटे ऊपर ही दिखा देगा. ये स्टेप वाइज होगा और इसे आप आसानी से समझ सकते हैं. ज्यादातर बार आप जो जवाब ढूंढेंगे वो ऊपर ही मिल जाएगा और आपको किसी लिंक को क्लिक करने की जरूरत ही नहीं होगी. 

लिंक क्लिक नहीं करेंगे तो ज़ाहिर है आपको किसी दूसरी वेबसाइट पर भी जाने की ज़रूरत नहीं होगी. क्योंकि आप जिस क्वेरी का जवाब गूगल पर ढूँढ रहे हैं वो Generative AI के ज़रिए ऊपर ही दिखा देगा. दिलचस्प ये है कि गूगल का AI क्यूरेटेड जवाब अपना नहीं, बल्कि किसी वेबसाइट से ही उठाया हुआ होगा.

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AI Overview से कैसे बदल जाएगा सर्च? TechTonic With Munzir के इस एपिसोड में सुन भी सकते हैं

AI कहां से लाता है जवाब?

अब अगर आप लेमनेड बनाने का तरीक़ा या फिर सर्दी जुकाम ठीक करने का नुस्ख़ा ढूँढ रहे हैं तो इसके जवाब गूगल कहां से दे रहा है? कैसे Google का AI इन जवाब को क्यूरेट कर रहा है. 

दरअसल इन जवाब के लिए Google दूसरी वेबसाइट से ही कॉन्टेंट लेता है. कई बार आपको उन वेबसाइट का लिंक भी गूगल दिखा देगा. लेकिन सबसे ऊपर बिना किसी लिंक के ही जानकारी मिलेगी और वो जानकारी भी गूगल कहीं ना कहीं लिंक से ही उठाता है, यानी तमाम जानकारी के लिए गूगल दूसरी वेबसाइट पर ही डिपेंडेंट रहता है. क्योंकि गूगल का अपना कोई कॉन्टेंट नहीं होता. 

पब्लिशर्स को क्यों होगा नुकसान?

एक बड़ा सवाल ये है कि अगर ज़्यादातर यूज़र्स गूगल सर्च करके ऊपर से ही निकल जाएँगे तो वेबसाइट कौन देखेगा. यूज़र्स अगर लिंक क्लिक करके वेबसाइट पर नहीं जाएँगे तो वेबसाइट पर पेज व्यूज कहां से आएँगे?

अगर पेज व्यूज और यूनिक विज़िटर्स (UV-PV) नहीं आएँगे तो कॉन्टेंट वेबसाइट्स पैसे कहां से कमाएँगी? क्योंकि कॉन्टेंट वेबसाइट का रेवेन्यू मॉडल्स ऐड्स पर टिका होता है और ऐड्स उन्हीं वेबसाइट्स को ज़्यादा मिलते हैं जिन्हें लोग ज़्यादा पढ़ते हैं.

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कई एक्सपर्ट्स ये चिंता जता चुके हैं कि Google AI Overview की वजह से दूसरी कॉन्टेंट की वेबसाइट बुरी तरह से प्रभावित होंगी और उनके विजिटर्स कम होंगे. हालांकि गूगल ऐप से ट्रैफिक आना जारी रहेगा, क्योंकि गूगल ऐप पर डिस्कवर में पहले की तरह ही वेबसाइट्स फीचर करेंगी. लेकिन बावजूद इसके कॉन्टेंट वेबसाइट को रेवेन्यू जेनेरेट करने में प्रॉब्लम तो होगील ही. 

दुनिया भर के न्यूज़ पब्लिशर्स Google के नए AI Overview से मुश्किल में हैं और इसके ख़िलाफ़ हैं. फ़िलहाल सर्च में AI Overview सिर्फ़ अमेरिका में आया है, इस वजह से अभी अमेरिकी पब्लिशर्स परेशान हैं. CNN की एक रिपोर्ट में न्यूज़ मीडिया अलाइंस के हेड के हवाले से बताया गया है कि गूगल का ये कदम वेबसाइट के ट्रैफ़िक के लिए ख़तरनाक साबित होगा. क्योंकि यूज़र्स गूगल के सर्च इंटरफ़ेस से ही निकल जाएँगे और वेबसाइट का मोनाटाइजेशन हो ही नहीं पाएगा. 

CNN की रिपोर्ट में डेनिएल कोफी का स्टेटमेंट लगाया गया है. डेनिएल दरअसल अमेरिका के 2000 से ज़्यादा न्यूज़ पब्लिशर्स को रिप्रेजेंट करते हैं और न्यूज़ मीडिया अलाइंस के हेड हैं. Google के इस ऐलान के बाद उन्होंने कहा है कि अभी जो भी थोड़ा बहुत ट्रैफ़िक आ रहा है वो भी ख़त्म हो जाएगा. गूगल की मोनॉपली की वजह से एक बार फिर पब्लिशर्स को उनके टर्म्स मानने होंगे और वो हमारे ही कॉन्टेंट को फ़्यूल की तरह यूज करेंगे.   

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कॉन्टेंट वेबसाइट क्या गूगल पर मुक़दमा करेंगी?

चूँकि Google SGI जो सबसे ऊपर रिज़ल्ट देगा वो कॉन्टेंट भी कहीं ना कहीं किसी वेबसाइट से ही उठाया जा रहा है. ऐसे में ये कैसे सुनिश्चित होगा कि कॉपीराइट का उल्लंघन ना हो? क्योंकि जिस वेबसाइट से कॉन्टेंट उठाया जा रहा है उसका लिंक देना होगा या फिर उस वेबसाइट पर रिडायरेक्ट करना होगा. 

New York Times ने हाल ही में ChatGPT के क्रिएटर्स पर मुकदमा किया है. आरोप ये लगाया गया है कि NYT के आर्टिकल्स को ChatGPT बिना परमिशन के यूज कर रहा है और उसमे हेर फेर को लोगों को AI कॉन्टेंट के नाम पर परोस रहा है.

अमेरिका में AI फ़ोटो जेनेरेट करने वाली कई कंपनियों पर क्लास ऐक्शन लॉसूट चल रहे हैं. ऐसा कई बार देखा गया है कि टेक्स्ट से फ़ोटो जेनेरेट करने वाले प्लैटफ़ॉर्म किसी फोटॉग्रफर द्वारा क्लिक की गई फ़ोटोज़ को एडिट करके पेश कर रही हैं, ऐसे में उनका काम भी प्रभावित हो रहा है और उन्हें अपने काम का जो पैसा मिलना चाहिए था वो भी नहीं मिल रहा है. 

ऐसे कई मुक़दमे चल रहे हैं जहां ये पाया गया है कि टेक्स्ट टू इमेज जेनेरेट करने वाले प्लैटफ़ॉर्म कॉपीराइटेड फ़ोटोज़ का इस्तेमाल कर रहे हैं. इमेज से कॉपीराइटेड लोगो को हटाना भी अब AI के दौर में काफ़ी आसान हो चुका है. 

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Google search में AI फीचर्स से भले ही आम यूजर्स को फायदा होगा, लेकिन इससे वेबसाइट्स का नुकसान हो सकता है. खास तौर पर उन पब्लिशर्स के लिए मुश्किल होगी जो पेज ट्रैफिक के लिए गूगल सर्च पर निर्भर रहते हैं. 

Google का AI Overview गूगल सर्च स्क्रीन का लगभग आधा हिस्सा ले लेगा और ऐसे में ब्लू लिंक्स काफ़ी नीचे हो जाएँगे. डेटा बताता है कि AI Overview सर्च क्वेरीज में लगभग 80% ले लेगा.  

Google का क्या कहना है?

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक़ Google ने कहा है कि AI Overview में जो लिंक्स दिए जाएँगे उन्हें ट्रेडिशनल वेब लिस्टिंग के मुक़ाबले किसी भी सर्च क्वेरी के लिए ज़्यादा क्लिक्स मिलेंगे. गूगल ने ये भी कहा है कि AI का ये बदलाव न्यूज़रूम के लिए नुक़सानदायक नहीं, बल्कि फ़ायदेमंद ही साबित होगा. कंपनी ने कहा है कि सर्च एक्सपीरिएंस को बेहतर करने के साथ साथ गूगल पब्लिशर्स और क्रिएटर्स को भी वैल्यूएबल ट्रैफ़िक प्रोवाइड कराएगा. 

Google की क्या मजबूरी है?

अगर गूगल सर्च में AI Overview नहीं देगा तो Microsoft और OpenAI से सर्च इंजन की रेस हार जाएगा. ChatGPT इंटीग्रेशन के बाद वैसे भी Microsoft के सर्च इंजन Bing भी रेस में आ गया. इसी तरह Perplexity AI जैसे कई AI सेंट्रिक सर्च इंजन पॉपुलर हो रहे हैं जो सर्च रिज़ल्ट में AI का भरपूर यूज कर रहे हैं. यहाँ तक Perplexity AI काफ़ी पहले से ही Google AI Overview जैसा काम कर रहा है. 

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Perplexity AI (Example)

ज़ाहिर है गूगल पहले ही Microsoft के साथ AI रेस में पिछड़ता नज़र आ रहा है. ऐसे में गूगल सर्च में AI का भरपूर यूज करना चाहेगा ताकि यूज़र्स गूगल छोड़ कर कोई दूसरा सर्च इंजन यूज ना करें. ग़ौरतलब है कि ChatGPT के आने के बाद से गूगल सर्च में थोड़ी तो कमी आई ही है. क्योंकि अब पहले से ज़्यादा ऑप्शन्स लोगों के पास एवेलेबल हैं. 

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