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पीसीएस ज्योति मौर्य पर आरोप लगाने वाले पति के यू-टर्न से ये सबक मिलता है...

पीसीएस ज्योति मौर्य पर आरोप लगाने वाले पति के यू-टर्न से ये तो पता चल ही गया है कि पति-पत्नी के झगड़े के बीच नहीं बोलना चाहिए, न ही तुरंत कोई राय बनानी चाहिए. यह मानकर कि ज्योति मौर्य ने अपने पति को धोखा दिया है, कहा जाने लगा कि लोग अपनी पत्‍नी को बढ़ावा देना बंद कर देंगे. जैसे पहली प्रतिक्रिया जल्दबाजी वाली थी, वैसी अब भी है.

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सफाई कर्मचारी आलोक मौर्य और उनकी पत्नी और पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य
सफाई कर्मचारी आलोक मौर्य और उनकी पत्नी और पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य

आज आदमी भले ही खुद हजार परेशानियों में हो मगर उसे दिल बहलाने के लिए गॉसिप चाहिए. गॉसिप न केवल व्यक्ति को एंटरटेनमेंट देती है. बल्कि इससे वो किसी भी विषय पर अपना ओपिनियन बना लेता है. पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य का मामला भी कुछ ऐसा ही था. अब से एक महीना पहले जब ये मामला खुला तो तमाम तरह की बातें हुईं. चाहे वो टीवी डिबेट रही हों या फिर सोशल मीडिया. लोगों के एक बड़े वर्ग ने अलोक मौर्य को बेचारा बताते हुए उसका समर्थन किया था और ज्योति मौर्य पर तमाम तरह के गंभीर आरोप लगाए थे. मामला बढ़ा और एक वक़्त वो भी आया जब बात ज्योति मौर्य Vs आलोक मौर्य न होकर Male Vs Female हो गया. Husband Vs Wife हो गया. तब देश के तमाम प्रगतिशील लोगों ने ज्योति का पक्ष लेते हुए ये तक कहा कि आलोक ने उसे पढ़ा लिखाकर कोई एहसान नहीं किया.

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क्योंकि पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य और सफाई कर्मचारी अलोक मौर्य के इस पूरे मामले में मसाला भरपूर था. इसलिए हर बीतते दिन के साथ इसपर तरह तरह के विमर्श हो रहे थे. लेकिन अब ज्योति और अलोक से जुड़ी तमाम बातों पर विराम लग गया है. दरअसल आलोक ने पत्नी पर लगाए गए सभी आरोप वापस ले लिए हैं.

खबर क्योंकि हैरान करने वाली थी इसलिए मीडिया ने भी अलोक से सवाल जवाब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. लेकिन मामले में दिलचस्प ये रहा कि आलोक ने इस विषय पर मीडिया को बहुत कुछ ज्यादा नहीं बताया. आलोक जांच कमेटी के सामने ज्योति मौर्य के खिलाफ साक्ष्य पेश करने पहुंचे थे. मगर मौके पर मौजूद लोग उस वक़्त सकते में आ गए जब उन्होंने जांच कमेटी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर शिकायत पत्र वापस ले लिया. माना जा रहा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो आलोक द्वारा लिए गए इस फैसले से पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य को बड़ी राहत मिलेगी.

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ध्यान रहे आलोक द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अब शासन को इस बात का निर्धारण करना है कि मामले की जांच हो या नहीं. मामला किस हद पेंचीदा था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ज्योति से नाराज पति आलोक ने न शासन से संपर्क कर इस बात का खुलासा किया था कि अधिकारी बनने के बाद ज्योति भ्रष्टाचार में लिप्त है. आलोक का आरोप था कि अधिकारी बनने के बाद ज्योति ने करोड़ों की प्रॉपर्टी बनाई है. वहीं आलोक ने ये आरोप भी लगाया था कि ज्योति के होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे से अवैध संबंध हैं.

मामले में ज्योति ने भी खूब जमकर आलोक और उसके परिवार की खूब बक्खिया उधेड़ी थी. और आलोक और उसके परिवार पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था. क्योंकि अब आलोक बैक फुट पर हैं एक वर्ग द्वारा पुनः प्रतिक्रिया दी जा रही है कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो गया है. और वो दिन दूर नहीं जब दोनों को शायद हम एक बार फिर हंसते मुस्कुराते हुए देखें.

साफ़ है कि आलोक के पीछे हटने के इस फैसले ने उन लोगों को जरूर आहत किया है, जो उन्हें बेचारा बताते हुए हर उस महिला को कठघरे में खड़ा कर रहे थे जिसकी शिक्षा को उसका पति पूरा कर रहा था. कह सकते हैं कि किसी भी पति पत्नी के झगड़े में जैसा रवैया हमारे समाज का रहता है लोग प्रायः जल्दबाजी में होते हैं.

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ज्योति और आलोक का विवाद सामने आने के बाद चाहे वो देश के तमाम लोगों की सोशल मीडिया पोस्ट रही हों. या फिर अलग अलग बयान. जैसा लोगों का लहजा था. वो न केवल विचलित करने वाला था. बल्कि उसने इस बात की पुष्टि कर दी थी कि रायचंद बनने के चक्कर में लोग कुछ भी कहने से गुरेज नहीं करते.

बहरहाल अब चूंकि मामला लगभग बैलेंस हो ही गया है. हमें ये कहने में कोई गुरेज नहीं है कि पति-पत्नी के झगड़े के बीच नहीं बोलना चाहिए, न ही तुरंत कोई राय बनानी चाहिए. मामले के मद्देनजर हम दोबारा इस बात को कहेंगे कि किसी भी तरह की राय से पहले न केवल हमें सभी पक्षों को जानना और उन्हें भली प्रकार समझना चाहिए बल्कि इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि हमारा मजाक एक भरे पूरे घर को पल भर में उजाड़ सकता है.

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