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मोदी-नीतीश की मुलाकात, बिहार में एक बार फिर डबल इंजन सरकार, CM का दावा अब नहीं छोड़ेंगे NDA

बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने के बाद सियासी घटनाक्रम तेजी से बदला है. जहां नई सरकार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा हुआ तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मंत्रिमंडल विस्तार में एक और मंत्री पद मांग कर दी. वहीं नीतीश कुमार ने दिल्ली आकर पीएम मोदी से मुलाकात की.

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बिहार में बीते हफ्ते कई राजनीतिक घटनाक्रम हुए
बिहार में बीते हफ्ते कई राजनीतिक घटनाक्रम हुए

बिहार की राजनीति में पिछले एक सप्ताह में जो सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम रहा वह था मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करना. इसके साथ ही पिछले सप्ताह बिहार में नई सरकार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी हो गया. दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मंत्रिमंडल विस्तार में एक और मंत्री पद मांग कर बिहार में सियासी खेल जारी रखा.

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प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार की मुलाकात

28 जनवरी को एनडीए में दोबारा वापस आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल यानी 7 फरवरी को दिल्ली पहुंचे जहां पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शाम में मुलाकात की. प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार की आधिकारिक मुलाकात तकरीबन डेढ़ साल के बाद हुई है. प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया है कि वह अब दोबारा एनडीए नहीं छोड़ेंगे और एनडीए में बने रहेंगे.

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माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री के साथ नीतीश कुमार की मुलाकात के दौरान बिहार से जुड़ी राजनीतिक विषयों समेत बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा हुई. साथ ही साथ 12 फरवरी को नीतीश कुमार को बिहार विधानसभा में नई सरकार का बहुमत परीक्षण होना है और इसको लेकर भी प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी लंबी मुलाकात की.

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जीतन राम मांझी की मांग

बीते एक सप्ताह में बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जमकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा होती रही. सवाल खड़े होते रहे कि आखिर नीतीश कुमार कब अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और किन्हें मंत्री बनाया जाएगा. इसी बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मंत्रिमंडल में एक और मंत्री पद मांग कर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी.

मांझी ने नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्री और निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह का हवाला देते हुए कहा कि जब एक निर्दलीय को एक मंत्री पद मिल सकता है तो फिर उनके पास तो चार विधायक है और उसके हिसाब से उनकी पार्टी को दो मंत्री पद दिया जाना चाहिए. मांझी ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो उनके साथ अन्याय होगा.

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दूसरी तरफ, मांझी की समधन और हम विधायक ज्योति देवी ने भी अपनी पार्टी के लिए एक और मंत्री पद की मांग की. ज्योति देवी ने इच्छा जताई कि वह भी मंत्री बनना चाहती हैं.

मंत्री बनने की चाहत में ज्योति देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला बोला और कहा कि जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ और उम्र दराज नेता श्रवण कुमार, बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी हर बार मंत्री बनते रहते हैं और उनकी वजह से नए लोगों को मौका नहीं मिलता है. ज्योति देवी ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड के यह तीन वरिष्ठ नेता चुंबक की तरह मंत्री की कुर्सी से चिपक गए हैं.

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विभागों का बंटवारा

बीते सप्ताह नीतीश कुमार ने अपने नए मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा भी कर दिया. हर बार की तरह नीतीश कुमार ने अपने पास ही सामान्य प्रशासन और गृह विभाग रखा है. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को वित्त, स्वास्थ्य और खेल समेत कई विभाग मिले. दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिंह को कृषि, पथ निर्माण, गन्ना उद्योग समेत कई अन्य विभाग मिले. विजय कुमार चौधरी को शिक्षा, भवन निर्माण और जल संसाधन विभाग मिला.

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