दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल बीजेपी और कांग्रेस दोनो के निशाने पर आ चुके हैं. देखा जाये तो अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बीजेपी जो फसल काट रही है, उसके बीज तो कांग्रेस की तरफ से ही बोए गये थे.
दिल्ली चुनाव प्रचार में अब मुश्किल से दस दिन बचे हैं, और बीजेपी के बाद अब कांग्रेस की तोपों का मुंह भी अरविंद केजरीवाल की ओर होता जा रहा है. दिल्ली शराब घोटाले को लेकर शुरू से आक्रामक रहे कांग्रेस नेता आजय माकन अब हेल्थ घोटाले की जानकारी लेकर आए हैं - बड़ा सवाल ये है कि क्या दस दिन में कांग्रेस मुद्दा बना पाएगी?
कांग्रेस के मुताबिक, CAG रिपोर्ट में अरविंद केजरीवाल पर 382 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है भी, तो क्या अब आम आदमी पार्टी को फर्क नहीं पड़ता?
मोदी के निशाने पर केजरीवाल का 'शीशमहल'
दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते अरविंद केजरीवाल पर सरकारी आवास में हुए निर्माण में भी घोटाले का आरोप लगा है, जो जांच के घेरे में है.
दिल्ली की एक चुनावी रैली में अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'शीशमहल’ आम आदमी पार्टी के धोखे और झूठ का उदाहरण है. बोले, दिल्ली वाले AAP वालों की 'आप-दा' और उनके झूठ और फरेब से अब ऊब चुके हैं.
प्रधानमंत्री मोदी का कहना था, इन दिनों वे अपने चुनावी सभाओं में दावा करते फिरते हैं… फिर आएंगे, लेकिन अब जनता उन्हें बोलती है कि वे फिर खाएंगे.
मोदी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं 'आप-दा' वालों की पोल खोलने और लोगों के बीच जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाने की सलाह दी. मोदी ने कहा, 'आप-दा वाले अब रोज नई घोषणा कर रहे हैं… उनको हर रोज हार की नई-नई खबरें मिल रही हैं… ये इतने डरे हुए हैं कि रोज सुबह एक नई घोषणा करनी पड़ रही है, लेकिन अब दिल्ली की जनता इनका खेल समझ गई है.'
BJP कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए मोदी ने कहा, 'आप-दा के समर्थक और कार्यकर्ता भी आजकल मायूस हैं… वो मान चुके हैं कि ये तो कट्टर बेईमान निकले… ये लोग भ्रष्टाचार के नये रिकॉर्ड बनाते गये, लेकिन इन्हें शर्म नहीं है.
मोदी अपनी पहली रैली से ही दिल्ली में आप-दा की बात कर रहे हैं, और उसके बाद से बीजेपी नेताओं आप-दा बोल कर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की सरकार को लगातार घेर रहे हैं - कांग्रेस नेताओं के भाषण में आप-दा शब्द तो नहीं सुनाई देता, लेकिन लहजा मिलता-जुलता ही लगता है.
केजरीवाल पर कांग्रेस ने लगाया हेल्थ घोटाले का आरोप
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अब कांग्रेस नेता अजय माकन मोर्चा संभाल लिया है. सीलमपुर की रैली में राहुल गांधी के जोरदार भाषण के बाद, और तबीयत ठीक नहीं होने से सदर बाजार की रैली में नहीं पहुंच पाने के बावजूद अजय माकन हमले की धार कमजोर नहीं पड़ने देते. बल्कि, जोरदार हमला बोल देते हैं.
CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए अजय माकन दिल्ली के तीन अस्पतालों का नाम लेते है. इंदिरा गांधी अस्पताल, बुराड़ी अस्पताल और मौलाना आजाद डेंटल अस्पताल. अजय माकन का आरोप है कि अस्पतालों पर टेंडर से बहुत ज्यादा पैसे खर्च किये गये.
प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर अजय माकन वे सारी बातें बोल देते हैं, जो गांधी परिवार और दिल्ली कांग्रेस के नेताओं के मन में 2013 से भरी हुई हैं. संभव है, राहुल गांधी अगर अजय माकन का भाषण सुन कर बहुत खुश हुए होंगे, और उनको कांग्रेस की रैली में नहीं पहुंच पाने का मलाल नहीं रह गया होगा.
अजय माकन ने याद दिलाया कि कैसे अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार खत्म करने के वादे के साथ राजनीति में दाखिला लिया था. अजय माकन कह रहे थे, आप ने भ्रष्टाचार को उजागर करने और खत्म करने का दावा किया था… यहां तक कि उन्होंने CAG रिपोर्ट के आधार पर सबसे पुरानी पार्टी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे.
CAG रिपोर्ट पेश न किये जाने को लेकर हाल के दिनों में अरविंद केजरीवाल कांग्रेस और बीजेपी के निशाने पर रहे हैं. मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है, और सीएजी रिपोर्ट पेश करने के लिए दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई है.
कांग्रेस नेता अजय माकन का कहना है, सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि 14 सीएजी रिपोर्ट्स हैं… हर रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार के खिलाफ गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं… उप राज्यपाल कह रहे हैं कि केजरीवाल बाधा डाल रहे हैं, और केजरीवाल का कहना है कि एलजी बाधा डाल रहे हैं.
और फिर अजय माकन बेहद गंभीर आरोप लगाते हैं, एक रिपोर्ट, जो 14वीं है, स्वास्थ्य घोटालों के बारे में है… उस रिपोर्ट में मैंने 382 करोड़ रुपये का घोटाला पाया, और देखा है, जो सीधे केजरीवाल से जुड़ा हुआ है.
दिल्ली के तीन अस्पतालों का नाम लेकर अजय माकन दावा करते हैं, सीएजी की रिपोर्ट बताती है कि तीन अस्पतालों पर टेंडर से 382.52 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए गए… यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल ने CAG रिपोर्ट को विधानसभा में पेश नहीं होने दिया… मैं सीधा आरोप लगा रहा हूं… सीएजी रिपोर्ट को रोकने की वजह यही है.
जेल भेजे जाने को लेकर अरविंद केजरीवाल भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की केंद्र सरकार पर हमलावर रहते हों, लेकिन दिल्ली आबकारी नीति पर सवाल सबसे पहले कांग्रेस ने ही उठाया था - और दिल्ली पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज कराई थी.
पूर्व दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने जून, 2022 में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, और आगे चल कर वही शिकायत मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का आधार बना. क्योंकि, जांच उसके बाद ही आगे बढ़ी थी.