ये भी संयोग ही है कि राहुल गांधी जिस दिन अखिलेश यादव के लिए वोट मांगने कन्नौज पहुंचे, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत भी उसी दिन मिली - और वो भी चुनाव प्रचार के लिए ही.
अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में मतदान के आखिरी दिन 1 जून तक अंतरिम जमानत मिली है, और अगले ही दिन यानी 2 जून को उनको सरेंडर करना ही होगा. कन्नौज की रैली में आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी शामिल हुए. संजय सिंह को भी कुछ ही दिन पहले जमानत मिली थी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद अब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर चर्चा होने लगी है कि ऐसा उनके साथ भी हो सकता है क्या? ऐसा होने की बड़ी वजह ये है कि हेमंत सोरेन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है. लेकिन मुश्किल ये है कि सुनवाई के दौरान ही सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही साफ कर दिया था, अगर अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी जाती है, तो ये कोई मिसाल नहीं होगी.
सात साल बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव साथ साथ देखे गये, और दोनों नेताओं ने मिल कर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला.
जब राहुल गांधी ने कहा, 'अब हम बब्बर शेर बनकर शिकार कर रहे हैं.'
तो अखिलेश यादव का कहना था, बीजेपी का बैलेंस खराब कर दो... अब सिर्फ चार चरण ही बचे हैं.
कन्नौज के बाद रायबरेली का नंबर है
कन्नौज अपने इत्र के लिए मशहूर है, और चुनावी सरगर्मी कितनी भी हो उसकी खुशबू जरा भी कम नहीं होती - तभी तो कन्नौज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का स्वागत भी अखिलेश यादव ने इत्र देकर ही किया.
कन्नौज में 13 मई को मतदान होना है, और उसके बाद पांचवें चरण में 20 मई को रायबरेली के लोग भी वोट डालेंगे. अखिलेश यादव कन्नौज से समाजवादी पार्टी के और राहुल गांधी रायबरेली से
कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हैं.
गांधी परिवार के लिए महत्वपूर्ण तो अमेठी लोकसभा सीट भी है, लेकिन राहुल गांधी यूपी में अकेले उम्मीदवार हैं. लेकिन मुलायम सिंह यादव के परिवार के पांच सदस्य लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. अखिलेश यादव के अलावा मैनपुरी से उनकी पत्नी डिंपल यादव, आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव, फिरोजपुर से तेज प्रताप यादव और बदायूं से आदित्य यादव.
देखा जाये तो कन्नौज और रायबरेली के साथ साथ मैनपुरी सीट भी उतनी ही महत्वपूर्ण थी, लेकिन वहां अखिलेश यादव अकेले मोर्चा संभाले हुए थे, राहुल गांधी नहीं गये थे. मैनपुरी में वोटिंग हो चुकी है.
कन्नौज सीट पर 2019 में डिंपल यादव बीजेपी के सुब्रत पाठक से चुनाव हार गई थीं. बाद में उपचुनाव जीत कर संसद पहुंची, और अब अखिलेश यादव उसी हार का बदला लेने के लिए कन्नौज के मैदान में उतरे हैं.
कन्नौज भी मुलायम सिंह की सीट रही है, और अखिलेश यादव भी लोकसभा में कन्नौज का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. मौके की नजाकत को समझते हुए अखिलेश यादव ने कन्नौज से अपने परिवार के रिश्ते को भी वैसे ही पेश करने की कोशिश की जैसे गांधी परिवार रायबरेली से जोड़ कर पेश कर रहा है.
मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, नेताजी ने कहा था कि वो कन्नौज के लोगों के पास भेज रहे हैं... इसे नेता बना देना... इसे सुल्तान बना देना.
अखिलेश का कहना था कि मुलायम सिंह यादव ने कभी भी कन्नौज का साथ नहीं छोड़ा. कहने का मतलब ये कि वो भी कभी कन्नौज का साथ नहीं छोड़ेंगे. आजमगढ़ के बारे में अखिलेश यादव क्या कहते हैं, सुनना होगा.
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी मौके की नजाकत समझी और अखिलेश यादव के बहाने बीजेपी को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की. बोले, अखिलेश यादव 5 साल मुख्यमंत्री रहे हैं... भाजपा की नफरत देखिये... मुख्यमंत्री आवास को गंगा जल से धुलवाकर उनका अपमान किया गया है... अब कन्नौज में अखिलेश जी मंदिर गये, तो वहां भी भाजपा वालों ने गंगा जल से धोकर उनका अपमान किया.
अडानी-अंबानी पर मोदी के सवाल का जवाब
अखिलेश यादव के साथ दूसरी बार सार्वजनिक मंच शेयर करते हुए राहुल गांधी पूरे फॉर्म में नजर आये. इससे पहले वो गाजियाबाद में अखिलेश यादव के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में देखे गये थे. और अब अगला पड़ाव रायबरेली होगा.
अडानी और अंबानी पर मोदी के सवाल का जवाब तो प्रियंका गांधी ने दे ही दिया था, राहुल गांधी का कहना था कि अडानी-अंबानी पर घेरा, तो अब मोदी जी का मुंह खुल गया.
कन्नौज की रैली में मोदी के सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने पिछले 10 साल में अडानी-अंबानी का नाम नहीं लिया... दस साल में हजारों भाषण दिये... जब कोई डर जाता है तो उन्हीं लोगों का नाम लेता है जिसके बारे में सोचता है, बचा पाएंगे... इसीलिए नरेंद्र मोदी जी ने अपने दो मित्रों का नाम ले लिया... वो कह रहे हैं कि इंडिया गठबंधन ने मुझे घेर लिया है... मुझे इनसे बचाओ... मैं हार रहा हूं.'
इंडिया गठबंधन के बैनर तले आयोजित कन्नौज रैली के मंच से राहुल गांधी ने दावा किया, 'आप लोग मुझसे लिखवाकर ले लो... नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे.'