अरविंद केजरीवाल को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी करीब करीब वैसे ही टार्गेट कर रहे हैं, जैसे वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर बने हुए हैं.
योगी और मोदी के हमले में स्थानीय मुद्दे तो कॉमन हैं, लेकिन योगी जहां हिंदुत्व की लाइन पर धावा बोल देते हैं, मोदी भ्रष्टाचार के आरोपों पर फोकस नजर आते हैं.
योगी की दिल्ली में एंट्री से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, 'शीशमहल’ आम आदमी पार्टी के धोखे और झूठ का उदाहरण है, और - दिल्ली वाले AAP वालों की 'आप-दा' और उनके झूठ और फरेब से ऊब चुके हैं.
मोदी के साथ साथ बाकी बीजेपी नेता भी आप-दा बोल कर स्थानीय मुद्दों पर अरविंद केजरीवाल को घेर रहे हैं, और योगी आदित्यनाथ भी दिल्ली की सड़कों, और सड़कों पर गंदगी का मामला उठा रहे हैं.
योगी का केजरीवाल को यमुना चैलेंज
आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था, बचपन से मैं हनुमान जी का भक्त हूं… बचपन में, पूरी पूरी रात बैठकर… कभी कभी 250-300 बार मैंने हनुमान जी की आरती की है… मैं सभी से यही कहता हूं… अगर जीवन में कभी कोई कठिनाई आये, तो हनुमान जी की शरण में जरूर जाना.
टीवी पर इंटरव्यू के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ चुके अरविंद केजरीवाल हाल ही में रामायण की कथा सुनाते हुए रावण और मारीच के किरदार में कन्फ्यूजन को लेकर विरोधियों के निशाने पर आ गये थे.
दिल्ली के बुजुर्गों को अयोध्या दर्शन कराने के साथ साथ उनकी दिल्ली सरकार और जगह की तीर्थयात्राएं भी कराती रही है. दावा तो यहां तक किया गया है कि दिल्ली सरकार अब तक 90 हजार लोगों को तीर्थयात्रा करा चुकी है.
लेकिन योगी आदित्यनाथ को ऐसी बातों की परवाह कहां होती है, वो तो बस बरस पड़ते हैं. और, अरविंद केजरीवाल पर हमले के लिए एक टू-इन-वन मुद्दा उछालते हैं - दिल्ली में यमुना की हालत को लेकर.
योगी ऐसा मुद्दा उठाते हैं, जो लोकल भी है और हिंदुत्व से भी जुड़ा है. प्रयागराज के महाकुंभ में कैबिनेट साथियों के साथ जलक्रीड़ा और डुबकी लगा चुके योगी आदित्यनाथ ने अरविंद केजरीवाल को भी यमुना में वैसा करने की चुनौती दे डाली है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए किराड़ी में बीजेपी की रैली में योगी आदित्यनाथ आरोप लगाते हैं कि अरविंद केजरीवाल ने यमुना को गंदे नाले में बदलने का पाप किया है.
योगी अपनी रैली में वो नारा तो नहीं लगाते जो हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड चुनावों में खूब गूंज रहा था, लेकिन इर्द गिर्द वे उनके और मोदी दोनो के नारे लिखे हुए जरूर होते हैं. बंटेंगे तो कटेंगे, और एक हैं तो सेफ हैं.
यमुना के साथ ही योगी आदित्यनाथ रोहिंग्या का मुद्दा भी भी उठाते हैं, और केजरीवाल को घेरते हैं. हालांकि, इस मसले पर अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी पहले ही अपना पक्ष रख चुके हैं.
दिसंबर, 2024 में ही अरविंद केजरीवाल सोशल मीडिया के जरिये कह चुके हैं, हम किसी भी हालत में बीजेपी को दिल्ली में रोहिंग्या को नहीं बसाने देंगे… दिल्ली के गरीबों के फ्लैट, उनके रोजगार, उनके हक की सुविधाएं किसी हालत में बीजेपी को रोहिंग्या को नहीं देने देंगे.
और आतिशी का भी कहना रहा है, दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने सख्त आदेश पारित किया है… किसी भी रोहिंग्या को दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एडमिशन नहीं देना है… हम दिल्ली वालों का हक छिनने नहीं देंगे.
अरविंद केजरीवाल का कहना था कि दिल्ली में रोहिंग्या लोगों को बसाने के लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह और हरदीप पुरी जिम्मेदार हैं. अरविंद केजरीवाल का दावा है कि रोहिंग्या लोगों का डाटा हरदीप पुरी के पास ही है - लेकिन योगी आदित्यनाथ को ऐसी बातों की बिल्कुल परवाह नहीं होती.
योगी आदित्यनाथ का सीधा आरोप होता है, आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली के ओखला क्षेत्र में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को बसने में मदद की है.
और फिर कहते हैं, दिल्ली में जामिया मिल्लिया के पास कई एकड़ जमीन उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग की है… आम आदमी पार्टी के नेताओं ने वहां अवैध बांग्लादेशियों को बसाया… मैंने दिल्ली सरकार से अवैध कब्जे रोकने का कई बार अनुरोध किया, लेकिन जब सहयोग नहीं मिला तो मुझे यूपी से बुलडोजर भेजना पड़ा.
केजरीवाल का जवाबी हमला हिंदुत्व पर नहीं, विकास पर है
हिंदुत्व की राजनीति के साथ साथ योगी आदित्यनाथ ने अरविंद केजरीवाल पर विकास के मुद्दे पर भी हमला बोला है. योगी आदित्यनाथ का आरोप है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली को कूड़े के ढेर में तब्दील कर दिया है.
कहते हैं, आज दिल्ली में ये पता ही नहीं चलता कि सड़क पर गड्ढा है या सड़क गड्ढे में है… सफाई की हालत इतनी दयनीय है, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं… दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के पापों का खामियाजा हमारे पवित्र मथुरा, वृंदावन के श्रद्धालुओं और संतों को भी भुगतना पड़ रहा है… जब भी नमामि गंगे परियोजना के तहत सफाई की बात आई, अरविंद केजरीवाल एंड कंपनी ने सहयोग नहीं किया.
जवाबी हमले में अरविंद केजरीवाल कहते हैं, मैं योगी जी से विनम्रतापूर्वक पूछना चाहता हूं… उत्तर प्रदेश में कितने घंटे बिजली कटौती होती है?
बताते हैं, मैंने बहुत से लोगों से पूछा और वे मुझे बता रहे हैं कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली उपलब्ध है… हमारी सरकार दिल्ली में 10 साल से है… हमने सुनिश्चित किया कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली रहे… उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी 10 वर्ष से डबल इंजन सरकार चला रही है.
2020 के दिल्ली चुनाव में भी योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के लिए 14 रैलियां की थी, और नतीजे बताते हैं कि 2015 के मुकाबले उन सीटों पर बीजेपी ने बेहतर प्रदर्शन किया था. पटपड़गंज सीटे से दिल्ली के डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया उम्मीदवार थे, और 2015 में बीजेपी को 33.12 फीसदी वोट मिले थे, जो 2020 में बढ़कर 47.07 फीसदी हो गये थे.
किराड़ी में योगी आदित्यनाथ ने पहली रैली की है, 2020 में भी बीजेपी के लिए वोट मांगे थे. 2015 में किराड़ी सीट पर बीजेपी 33.16 फीसदी वोट मिले थे, लेकिन 2020 में 46.51 फीसदी पहुंच गये. योगी आदित्यनाथ ने ऐसे ही महरौली, उत्तम नगर, द्वारका, तुगलकाबाद, विकासपुरी, रोहिणी, करावल नगर, आदर्शनगर, ओखला, और बदरपुर में भी रैली की थी. कोई भी सीट ऐसी नहीं थी जहां वोट शेयर न बढ़ा हो - ये बातें बताती हैं कि योगी आदित्यनाथ का चुनाव कैंपेन अरविंद केजरीवाल के लिए खतरनाक हो सकता है.