आज किसान आंदोलन का 44वां दिन है. सरकार और किसानों के बीच आज दोपहर दिल्ली के विज्ञान भवन में फिर से वार्ता होनी है. किसानों की चार मांगों में दो पर सहमति बन चुकी है लेकिन कानून वापसी और एमएसपी के लिखित आश्वासन पर पेच फंसा हुआ है.बातचीत नाकाम रहने के लिए सरकार कहीं ना कहीं किसानों के अड़ियल रुख पर ठीकरा फोड़ रही है लेकिन किसान नेताओं का कहना है कि सरकार उनके साथ सांप सीढ़ी का खेल खेल रही है. बड़ी उम्मीद के साथ चार जनवरी को दोपहर दो बजे सरकार और किसानों के बीच बातचीत शुरू हुई थी. नए साल में ये पहली वार्ता थी और पिछले बैठक के बाद ये उम्मीद थी कि मामला सुलझ जाए. लेकिन करीब चार घंटे की माथापच्ची के बाद जब दोनों पक्ष बाहर निकले तो एक-दूसरे पर दोषारोपण के अलावा कुछ नहीं था. अब देखना होगा क्या आज की बातचीत से संभलेगा मामला.