हिंदी सिनेमा में दिलचस्पी रखने वालों में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने दादा साहेब फाल्के का नाम नहीं सुना होगा. अगर दादा साहब फाल्के न होते, तो आज सिनेमा भी न होता. दुनिया उन्हें भारतीय सिनेमा के पितामह के तौर पर जानती है, और इसीलिए उनका नाम बड़े ही अदब के साथ लिया जाता है.