बंगाल में क्या राजनीतिक विरोध की जगह नहीं बची है? और अगर विपक्ष मार्च निकाले तो पुलिस लाठियां भांजेगी, आंसू गैस छोड़ेगी? और फिर राजनीतिक विरोधियों पर FIR भी करेगी? ये सवाल कल बीजेपी के मार्च के दौरान हुए राजनीतिक हंगामों को लेकर उठे हैं. कल बीजेपी ने बिगड़ती कानून व्यवस्था का आरोप लगाकर सचिवालय चलो का मार्च निकाला था, बदले में पुलिस ने उन्हें रोका और फिर 3 घंटों तक सड़कों पर संग्राम होता रहा. आज ममता की पुलिस ने गैरकानूनी ढंग से जमा होने के आऱोपों पर बंगाल बीजेपी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय समेत कम से कम 20 नेताओं पर FIR की है. इसीलिए आज दंगल में हमारा मुद्दा है, ममता, लाठी और मानुष.