अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत का वक्त नजदीक आ रहा है लेकिन इस बीच वहां फिर से मंदिर-मस्जिद की एक नई लड़ाई शुरू हो गई है. अयोध्या की हनुमान गढ़ी के महंत राजूदास ने मस्जिद के लिए बने ट्रस्ट में सरकारी नुमाइंदों को शामिल करने की ताकीद इस बात के साथ कर दी है कि अगर सरकार के लोग नहीं हुए तो इस्लामिक देशों से चंदा आएगा और आतंकवाद को बढ़ावा मिलेगा. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद पक्ष के लिए ट्रस्ट के निर्माण का कोई आदेश नहीं दिया था, सिर्फ सरकार को 5 एकड़ जमीन देनी थी. उधर मंदिर पक्ष के निर्माण के लिए जो ट्रस्ट बना है उसमें सरकार के तीन प्रतिनिधि हैं. मस्जिद पक्ष के ट्रस्ट को लेकर हंगामे से पहले अयोध्या के साधु संत ये मांग भी कर चुके हैं कि मस्जिद भले बने लेकर बाबर का नाम नहीं होना चाहिए. उधर 5 अगस्त को मंदिर के भूमि पूजन पर मुहूर्त से लेकर बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने का विवाद अपनी जगह पर बना हुआ है. इसीलिए आज दंगल में हमारा सवाल है कि मंदिर वहीं बनाएंगे, मस्जिद पर भी टकराएंगे?