प्रवासी मजदूरों पर आज उच्चतम न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि बस हो या ट्रेन, मजदूरों से किराया नहीं लिया जाएगा. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि किराया राज्य वहन करेंगे. रेलवे से भी उन्हें खाना-पानी मुहैया कराने को कहा गया है. सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश ऐसे समय में आया है जब मजदूरों को लेकर राजनीति का मिजाज गर्माता जा रहा है. आज ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि लगता है मजदूरों और आम लोगों की सिसकी सरकार को सुनाई नहीं पड़ती. उन्होंने 6 महीने तक सभी परिवारों को साढ़े 7 हजार रुपए देने की मांग दोहरायी है. कांग्रेस ही नहीं, दूसरे विपक्षी दल भी सरकार पर मजदूरों को लेकर सवाल उठा रहे हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार ने अब तक आम आदमी के लिए राहत के जो इंतजाम किए हैं, वो नाकाफी हैं. दंगल में देखिए मजदूरों के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राजनीति रुकेगी?