प्रज्ञा सिंह ठाकुर जब से बीजेपी की उम्मीदवार बनी हैं, उन्हें लेकर बहस थम ही नहीं रही. कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आजतक को दिए इंटरव्यू में ये कह दिया कि प्रज्ञा पर आरोप लगाने का मसला वैसा ही है, जैसा मुझ पर गुजरात दंगों के बाद लगा था. कुछ दिनों पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा था कि प्रज्ञा की उम्मीदवारी हिंदू आतंक की थ्योरी पर कांग्रेस को जवाब है. साफ है कि बीजेपी प्रज्ञा के बहाने राष्ट्रवाद पर बड़ा चुनावी दांव चल चुकी है, तो उधर आज प्रज्ञा का नाम लेकर कांग्रेस नेता पी सी चाको ये कह गए कि अलगाववादी यासीन मलिक के विचारों का हम समर्थन भले न करें लेकिन उन्हें बंदूक के दम पर सरेंडर के लिए धमकाया नहीं जा सकता. लिहाजा प्रज्ञा की उम्मीदवारी को लेकर राजनीति में जैसी बहस चल पड़ी है, वो अभी दूर तक जाएगी.
Since the time Pragya Singh Thakur has become the BJP candidate from Bhopal, the debate about her is not stopping. Yesterday, Prime Minister Narendra Modi also said in the interview given to AajTak that the issue of accusing Pragya is same as the allegations of the Gujarat riots on me. A few days ago UP Chief Minister Yogi Adityanath had also said that the candidature of Pragya is the answer to the Congress on the theory of Hindu terror.