विजयादशमी पर फ्रांस में राजनाथ सिंह ने राफेल की शस्त्र पूजा क्या की देश में कांग्रेस को मानों मिर्ची ही लग गई. बीजेपी इसे पुरातन भारतीय परंपरा से जोड़ रही है तो कांग्रेस इसे सरकार का तमाशा और ड्रामा करार दे रही है. सवाल यही है कि भारतीय वायुसेना में शामिल करने से पहले राफेल की पूजा क्या वाकई एक दिखावा है या फिर कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है?