पिछले 40 दिन से देश लॉकडाउन में है. सब काम धंधे बंद. लोग अपने अपने घरों में बंद. ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके. लेकिन आज लॉकडाउन के तीसरे चरण की शुरूआत के साथ, शराब की दुकानों को खोले जाने के एक फैसले ने चालीस दिन से घर बैठे लोगों को चिंता में डाल दिया है. कहीं शराब के चक्कर में उनकी चालीस दिन की मेहनत पर पानी तो नहीं फिर जाएगा? देश के अलग अलग राज्यों में तमाम शहरों की हालत ऐसी ही थी. सवाल ये है कि अगर लॉकडाउन जारी है, तो शराब की दुकानें खोलने की ऐसी क्या मजबूरी सरकारों के सामने आ खड़ी हुई है? क्या सिर्फ़ शराब बेच कर ही देश की अर्थव्यवस्था को खड़ा रखा जा सकता है? पीएगा इंडिया तभी जिएगा इंडिया? जाम है तो ही जहान है? आज का दंगल इसी पर.