पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज विधानसभा के भीतर कहा है कि ये महाकुंभ अब मृत्युकुंभ में बदल गया है. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कह चुके हैं कि "गंगा में डुबकी लगाने से क्या गरीबी दूर होती है, क्या गंगा स्नान करने से भरपेट खाना मिलता है". लालू प्रसाद यादव महाकुंभ को फालतू कह चुके हैं. कोई कुंभ के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है, कोई कड़वे बोल बोल रहा है. ऐसे में सवाल ये कि अगर मुद्दा अव्यवस्था है तो निशाना आस्था पर क्यों?