आज पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की दस्तक हो गई है, नतीजे 2 मई को आएंगे. निगाह सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल पर लगी है. चुनाव मुद्दे पर लड़े जाते हैं. मुद्दे जनता के होने चाहिए लेकिन क्या ऐसा होता है? बिजली, सड़क, पानी पर बात होनी चाहिए. स्वास्थ्य सुविधा की बात हर विधानसभा में करनी चाहिए, लेकिन क्या की जाती है? महंगाई का मुद्दा क्या जनता के बीच जाकर उठाया जाता है? बेरोजगारी का मुद्दा क्या कभी घोषणापत्र से पहले आगे बढ़ पाता है? इस पर देखें 10तक.