किसानों का आंदोलन और तेज होने का अंदेशा बढ़ गया है. केंद्र सरकार भले ही किसानों को मनाने के लिए अपने कृषि कानून में सुधार और संशोधन को तैयार है लेकिन किसान हैं कि मानने को तैयार नहीं. किसानों ने अपना आंदोलन और तेज करने का ऐलान कर दिया. किसानों के इस फैसले से लगता है कि किसानों के गुस्से और सरकार की कोशिश में अभी तालमेल नहीं बैठ पा रहा है. सरकार ने किसानों को समझाने की कोशिश और उम्मीद छोड़ी नहीं है. मंगलवार को भारत बंद के तुरंत बाद ही गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से बातचीत की. बात बन नहीं पाई लेकिन सरकार ने आज अपनी तरफ से कृषि कानूनों में तमाम सुधारों का लिखित भरोसा किसानों तक पहुंचाई. किसान इससे मुतमईन नहीं हुए बल्कि उनकी नाराजगी और बढ़ गई है. सवाल ये है कि कैसे होगा समाधान, अगर सड़क पर रहेंगे किसान? देखें दस्तक, सईद अंसारी के साथ.