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Tajinder Bagga Arrest: पुलिस क्या बन जाती है सियासी वार का औजार? देखें दस्तक

Tajinder Bagga Arrest: पुलिस क्या बन जाती है सियासी वार का औजार? देखें दस्तक

2018 के एक सर्वे के मुताबिक भारत में पुलिस पर जनता का भरोसा सिर्फ 5.7 प्रतिशत है, जबकि राजनीतिक दलों पर आम आदमी का भरोसा माइनस 1.7 फीसदी है. इतने कम भरोसे की वजह है पुलिस का राजनीतिकरण और राजनेताओं का अपनी-अपनी पुलिस को अपना राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश लगातार करना. आज के दौर में जब राज्यों के बीच राजनीति की दीवार खड़ी है तो सियासत "मेरे पास पुलिस है" वाली ताकत दिखा रही हैं. तो क्या जो पुलिस देश में राज्यों को कानून व्यवस्था संभालने और अपराधों की जांच के लिए मिली. उसी पुलिस को राजनेताओं ने अपनी सियासी हित साधने का संगठन बना लिया है? देखें दस्तक सईद अंसारी के साथ.

According to a 2018 survey, the public's trust in police is only 5.7 percent in India while in political parties it is minus 1.7 percent. The reason for such low trust is the politicization of the police and the constant efforts of politicians to use the police for their political agenda. Watch Dastak with Saeed Ansari.

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