अलविदा प्रणब दा. भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष प्रणब मुखर्जी नहीं रहे. वे कई दिनों से बीमार थे, और जीवन से संघर्ष कर रहे थे. उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है. सियासी जगत में एक विराट शून्य बना है, जिसकी भरपाई अब नहीं हो सकेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राष्ट्रपति तक ने उनके निधन पर शोक जताया है. उनके इस तरह से चले जाने पर देश दुखी है. 2019 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. 1973 में वे पहली बार इंदिरा सरकार में शामिल हुए थे. 1982 में पहली बार वित्त मंत्री बने थे. 2012 से लेकर 2017 तक वे देश के राष्ट्रपति रहे हैं. देश उन्हें याद कर रहा है. देखिए हमारा खास कार्यक्रम, चित्रा त्रिपाठी के साथ.