scorecardresearch
 
Advertisement

जहां कृष्ण से रुठीं हैं रुक्मिणी

जहां कृष्ण से रुठीं हैं रुक्मिणी

रुक्मिणी के इस मंदिर में भक्तों के कदम बिना रुके चले आते हैं, यहां भक्तों का तांता लगा रहता है. हर उम्र, हर मजहब के भक्त यहां आकर चढ़ाते हैं श्रद्धा के फूल, करते हैं रुक्मिणी की पूजा. लेकिन नहीं आते तो बस कान्हा। रुक्मिणी के कृष्ण, जिनका इंतजार उन्हें सदियों से है.

Advertisement
Advertisement