भारत के कुल विदेशी कारोबार का करीब 10 फीसदी हिस्सा चीन से होता है. गलवान हिंसा के बाद देशभर से ये मांग उठने लगी है कि चीनी सामानो के बहिष्कार हो. लोगों ने अपने तरीके से शुरुआत भी कर दी है. दिल्ली के होटल मालिकों ने तय किया है कि किसी भी चीन के नागरिक को जगह नहीं दी जाएगी. इसके अलावा सरकार ने भी कई नियम ऐसे बनाए हैं जो सीधे चीन की दुकान पर चोट करेगी. लेकिन इन सबने एक सवाल का जन्म दिया है कि क्या चीनी सामान का विरोध करने से नुकसान सिर्फ चीन का होगा. और क्या देश की सरकारें इससे पहले चीन से दोस्ताना नहीं रही हैं. देखिए हल्ला बोल.