किसानों के आंदोलन का कैलेंडर खत्म ही नहीं हो रहा है. पीएम मोदी अलग-अलग मंचों से किसानों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं लेकिन कांग्रेस बीच रास्ते में ही सिग्नल काटने में लग गई है. किसानों के गुस्से की आग को भुनाने के लिए प्रियंका गांधी यूपी में लगातार महापंचायत में शामिल हो रही हैं. मुजफ्फरनगर की महापंचायत में भी प्रियंका जब पहुंची तो पीएम मोदी पर करारा वार किया. अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल कि जिस कृषि कानून की कभी कांग्रेस वकालत करती थी, उससे यू-टर्न लेने के साथ उसकी सियासी प्रकृति क्यों बदल गई. फिर सरकार किसानों तक ठीक से नहीं पहुंचा पा रही है अपनी बात या यूं कहें कि किसानों का आंदोलन बन गया है सियासत का अखाड़ा. देखें हल्ला बोल, चित्रा त्रिपाठी के साथ.