आठ तारीख की रात को नोटों पर पाबंदी लगने के अड़तीस घंटे बाद शुक्रवार को बैंक खुले और भारी भीड़ के बीच लोगों ने अपने नोटों की अदलाबदली की. बावजूद इसके उनके चेहरों पर खुशी थी लेकिन हमारे देश के नेता परेशान हैं, उन्हें लगता है कि मोदी ने जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.