शनिवार रात को नेशनल असेंबली का पैगाम साफ था. इमरान खान की सरकार अब इतिहास का हिस्सा हो चुकी थी. फैसला आते ही विपक्ष का जोश हाई हो गया. शाहबाज ने जीत की हंकार भरी. मरियम नवाज ट्वीट में शेर दिखाया और इमरान खान पीएम आवास से बोरिया-बिस्तर समेटने में लगे तो बिलावल भुट्टो ने पुराने पाकिस्तान की वापसी का ऐलान कर दिया. सवाल है कि क्या पुराने पाकिस्तान की वापसी के साथ ही भारत के खिलाफ नफरत की राजनीति फिर रफ्तार पकड़ने वाली है. पाकिस्तान में राजनीति की पूरी बुनियाद ही भारत विरोध पर टिकी रही है. इमरान जाते-जाते भारत की विदेश नीति के कसीदे पढ़े तो इसके पीछे भी उनका हित छिपा था. देखें हल्ला बोल का ये एपिसोड.