केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. 17 दिन से किसान दिल्ली बॉर्डर पर डंटे हुए हैं. किसानों ने केंद्र सरकार से दो टूक कह दिया है कि वे अपनी मांगों से बिलकुल हटेंगे नहीं. किसानों का कहना है कि नए तीनों कृषि सुधार कानूनों को खत्म करे. केंद्र सरकार कानूनों में संशोधन को तैयार है, लेकिन किसानों का कहना है कि नए अध्यादेश को रद्द कर दिया जाए. किसानों कहा है कि वे 14 दिसंबर से भूख हड़ताल पर बैठेंगे. आखिर ऐसी कौन सी बात है जिसके चलते केंद्र और किसानों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है. केंद्र सरकार चाह तो रही है कि किसान नेताओं से बातचीत कर नए कृषि कानून पर गतिरोध खत्म किया जाए लेकिन, किसान नेता तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हैं. अबतक छह दौर की बातचीत हो चुकी है और सब बेनतीजा रही है. अब किसान अपनी मांग को तेज करते हुए सरकार पर दबाव की नई रणनीति के साथ उतरे हैं. आज किसानों ने राजधानी दिल्ली को जोड़ने वाले तमाम हाइवे पर बने टोल प्लाजा पर धावा बोला लेकिन किसानों ने रास्तों को बंद करने की जगह आज हाईवे के टोल प्लाजा का शटर गिरा दिया. यानि टोल में गाड़ियों से कलेक्शन नहीं होने दिया. आखिर गतिरोध की वजह क्या है? देखें खबरदार चित्रा त्रिपाठी के साथ.