जिस पाकिस्तान की सेना ने युद्ध की जगह आतंक का सस्ता विकल्प अपना लिया है और वो सस्ता विकल्प कामयाब हो रहा है तो फिर उसे सीधा युद्ध करने की जरूरत ही क्या है? ये फैसला तो हमें करना है कि पाकिस्तान की आतंक का जवाब क्या होना चाहिए.