देश में किसी आपराधिक कांड या घोटाले का गवाह बनना मौत को दावत देने से कम नहीं है. आसाराम मामले के गवाह कृपाल सिंह की बर्बर हत्या से ये बात साबित हो गई है कि गवाही देना खतरे से खाली नहीं है.
khabardar programme of 12th july on vyapam scam and asharam case and their witnesses death