चीन के साथ लद्दाख सीमा पर भारत की तनातनी बनी हुई है. ये स्थिति बिल्कुल वैसी है जैसी 2017 में डोकलाम विवाद के दौरान बनी थी. वैसे इस बार एक अंतर भी है, वो अंतर ये है कि 3 साल पहले चीन अपने स्टेट मीडिया और यहां तक कि आधिकारिक बयानों में बड़ा तीखापन दिखा रहा था लेकिन इस बार चीन की ओर से आने वाले बयान नपे तुले और सधे हुए हैं. चीन सैन्य स्तरों पर लगातार बातचीत भी कर रहा है. हालांकि सरहद पर तनाव कम करने को तैयार नहीं हुआ है. इस बीच चीन के साथ बनी स्थिति को लेकर भारत में सरकार को राजनीतिक दलों ने घेरना शुरू कर दिया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने भारत की सीमा में बड़ी चीनी घुसपैठ का दावा तक कर दिया है. देखें खबरदार.