प्रयागराज गोलीकांड के साथ जहां एक बार फिर से लोगों के दिलो दिमाग में नए खौफ ने जन्म लिया है और य़ूपी में कानून व्यवस्था पर उंगली उठ रही है. वहीं बरसों से चले आ रहे दहशत के एक अध्याय का अंत भी कमोवेश उसी के अपनाए गए तौर तरीकों की तर्ज पर किया गया है. जिसकी चर्चा अवाम के बीच से लेकर सियासी गलियारे तक है.