दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत पर जोर दिया है. तलाक के एक मामले में फैसला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि देश धर्म, जाति, संप्रदाय से ऊपर उठ चुका है. देश में धर्म और जाति की बाधाएं तेजी से टूट रही हैं. इस वजह से दूसरे धर्मों और जातियों में शादियां हो रही है और तलाक के मामले में सामने आ रहे हैं. आज की युवा पीढ़ी को दिक्कतों से जूझना ना पड़े इसलिए देश में समान नागरिक संहिता होनी चाहिए. देखें वीडियो.
On Friday, the Delhi high court has backed the need for a Uniform Civil Code in India and asked the Centre to take the necessary steps in this direction. Justice Pratibha Singh was delivering a verdict in a divorce petition and said the modern Indian society is gradually becoming 'homogeneous'. Watch the video to know more.