मुंबई ड्रग्स क्रूज केस शुरु तो हुआ था आर्यन खान की गिरफ्तारी से, मगर ये आगे जिस ओर बढ़ रहा है, उसमें बेशुमार सियासत है, नवाब मलिक ने सबसे पहले वानखेड़े के खिलाफ मोर्चा खोला, और अब उनकी सीधी लड़ाई महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से है, फडणवीस मलिक के दामाद को निशाना बना रहे हैं, मलिक उनके बेटे और पत्नी को निशाना बना रहे हैं, मतलब यूं समझिए कि सब गोलमाल है. बंबई में सियासत नहीं पिक्चर चल रही है पिक्चर, इसमें पार्टी की रंगीनियां हैं, ड्रग्स का कारोबार है, हीरो का बेटा है, मंत्री हैं, कुछ गुर्गे हैं, ड्रामा है, इमोशन है, एक्शन है, डायलॉगबाजी है. तो लिखे होंगे सदी के सबसे शानदार संवाद सलीम जावेद, कादरखान, सलील चौधरी या गुलजार ने, लेकिन जो डायलॉगबाजी नवाब मलिक और देवेंद्र फडणवीस के बीच चल रही है वो सियासत से ज्यादा सिनेमा को अपने साए में समेटे है. देखें शंखनाद का ये एपिसोड.
The Mumbai Drugs case started with the arrest of Aryan Khan, but the way it is moving forward, there is a lot of politics in it, Nawab Malik first opened a front against Sameer Wankhede, and now his direct fight is with former Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis. From now on, Fadnavis is targeting Malik's son-in-law, Malik is targeting his son and wife, which means that everything is a breakup. It seems like the drugs case has been changed into a picture in Bombay, not politics, it has party colors, drugs business, hero's son, minister, some henchmen, drama, emotion, action, dialogue. Watch this episode of Shankhnaad.