सियासत का केंद्र, ज्ञान की धुरी और संस्कृति का स्रोत है बिहार. इतिहास के पन्नों पर नए अध्याय लिखना बिहार को अच्छा लगता है. दुनिया का पहला गणतंत्र यहीं जन्मा, गौतम यहीं पर बुद्ध हुए और महावीर का जन्म भी यहीं पर हुआ. चाणक्य, चंद्रगुप्त और अशोक की इस भूमि के लोग यहां के विकास के बारे में अब क्या कहते हैं.