केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स(सीआरपीएफ) के कोबरा कमांडोज नक्सलियों के लिए काल कहे जाते हैं. कोबरा कमांडोज की अलग-अलग बालियंस की अलग-अलग खासियते हैं. जंगलों के बीच जाल बिछाकर रहने वाले शौर्यवान कमांडोज को हमेशा नक्सलियों से खतरा बना रहता है. घने जंगलों में ये बिल्कुल भी नहीं पता होता कि नक्सलियों का हाइड आउट कहां है, किस जगह वे छिपकर बैठे होते हैं. उनका निशाना सुरक्षाबल होते हैं, जिनकी राहों में मौत बनकर बैठे रहते हैं. ऐसे में कोबरा कमांडोज की नजरें नक्सलियों पर टिकी रहती हैं. कोबरा कमांडोज के 205वीं बटालियन की खासियत है कि ये गलती दोहराते नहीं और दुश्मन को घात लगाने का कोई मौका नहीं देते. देखिए वंदे मातरम, श्वेता सिंह के साथ.