11 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर एक काला बैग मिला था. 10 मार्च को मुंबई के जूहू चौपाटी से एक काला बैग मिला. 12 मार्च को सिडनी में एक बैग मिला और अब मंगलवार की रात को मुंबई में फिर एक बैग मिला. बात सिर्फ बैग मिलने की होती तो कोई बात नहीं थी. पर यहां तो हर बैग लाश उगल रहा है. वो भी लड़कियों की लाश. कहीं ये लाश ठिकाने लगाने का नया ट्रेंड तो नहीं?