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गुजरात दंगे: काश वो उन्‍माद जल्‍दी थम जाता

गुजरात दंगे: काश वो उन्‍माद जल्‍दी थम जाता

दंगों में मरने वालों की गिनती तो हम सबने की. पर काश एक गिनती और कर लेते तो फिर हमें कभी दंगे या दंगों में मरने वालों की गिनती ही नहीं करनी पड़ती. सियासत के हाथों इंसानियत का ऐसे खून होगा, कभी सोचा नहीं था. दंगों में मारे गए लोगों की गिनती हम हिंदू और मुसलमान से करते हैं. अफसोस, कोई ये गिनती नहीं करता कि कितने इंसान मरे.

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