क़त्ल का ये एक ऐसा केस है जिसमें सब कुछ है, बस कुछ नहीं है तो वो है कोई सुराग. अब चूंकि मुर्दे बोलते नहीं हैं लिहाजा मुर्दा लड़की अपना नाम-पता या कातिल का हुलिया तो बता नहीं सकती थी और दूसरा कोई बताने वाला था नहीं तो फिर पुलिस कातिल तक पहुंचे तो कैसे? काफी वक्त बाद मुंबई पुलिस के सामने ऐसा कोई बेहद उलझा हुआ केस आया.