बात महिलाओं की क्योंकि आज महिला दिवस है. इत्तेफाक से हिंदुस्तान की आधी आबादी की नुमाइंदगी करने वाली महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए राज्यसभा में बिल भी पेश किया गया. पर ये तस्वीर का सिर्फ एक पहलू है. इस तस्वीर का दूसरा पहलू ये है कि इसी आधे हिंदुस्तान के वजूद पर आज भी चोट की जा रही है. आज भी बेटियों को अभिशाप मान कर उनकी जान ली जा रही है.