क्या आप यकीन करेंगे कि आज के इस दौर में भी बैल और सेकेंड हैंड स्कूटर से सस्ती कीमत बेटियों की है? क्या आप यकीन करेंगे कि आज के इस दौर में भी बड़े-बड़े शहरों और महानगरों में बेटियां खरीदी और बेची जा रही हैं? बाकायदा दुकानों में इंसानों की मंडी लग रही है? यकीन नहीं आता ना? पर वारदात में जो कुछ आप देखेंगे उसके बाद आपको यकीन करना ही होगा.