ऐसा कभी नहीं हुआ है कि पूरी दिल्ली पुलिस एक साथ छुट्टी पर चली गई हो. मगर क्या करें, जब 15-15 जिला पुलिस और 209 थानों के रहते दिल्ली की सड़कों पर ऐसी तस्वीरें आम दिनों की बात लगने तो शक होता है कि सचमुच दिल्ली में पुलिस है भी या नहीं? अगर है और छुट्टी पर भी नहीं है तो फिर बदमाशों के अंदर पुलिस का खौफ क्यों नहीं है? सिर्फ पिछले छह महीने के अंदर दिल्ली के एक कोने से लेकर दूसरे कोने तक सड़कों पर शूटआउट की 12 वारदातें हो चुकी हैं. महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पहले ही दिल्ली पुलिस पर सवाल उठते आ रहे हैं. अब तो सड़क पर कब कौन कहां किसी गोलीबारी में फंस जाए इसकी भी गारंटी नहीं है. इसी पर देखिए वारदात.