देश में इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, देश ने ऐसा इससे पहले कभी नहीं देखा, एक मौत के 66 दिन बाद ये नहीं पता चलता कि उसकी मौत कैसे हुई है बल्कि ये पता चलता है कि उसकी मौत की जांच कौन करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत केस की जांच सीबीआई को सौंप दी है और बस इतना भर तय होते ही एक राज्य के डीजीपी यानी पुलिस महानिदेशक जो कुछ कहते हैं वो सचमुच सुनने लाय़क है. उनके बोल सुन कर आप ये सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि किसी पुलिस अफसर के मुंह में अगर नेता की जुबान डाल दी जाए तो फिर क्या होगा? देखें वारदात.