एक खतरा जो दुनिया के सामने नंगी तलवार की तरह लटका था, एक खतरा जो दुनिया पर मुसीबत की तरह टूट सकता था, एक खतरा जिसकी ज़द में चाहे अनचाहे पूरी दुनिया आ जाती, ग़नीमत है कि वो खतरा अब कुछ टलता हुआ सा नज़र आ रहा है. ईरान और अमेरिका के रिश्तों पर ज़मीं बर्फ अब कुछ पिघल रही है क्योंकि जो कल तक मरने-मारने पर उतारू थे वो अब बातचीत की टेबल पर आने को राज़ी हो रहे हैं.