आठ पुलिस वालों की जान लेने के बाद विकास दुबे और उसके साथियों ने पुलिसवालों की लाशों के साथ हैवानियत भी की थी. विकास दुबे तो पुलिस वालों के शव घर के करीब ही गांव के कुएं में जलाना चाहता था. उसने पांच पुलिसवालों की लाशें कुएं के करीब रखवा भी दी थीं. मगर उसे वक्त नहीं मिला और वो उसे भागना पड़ा. अब छह दिन बाद आखिरकार सरेंडर की शक्ल में वो उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर से पकड़ा गया है. वारदात में देखें सरेंडर और गिरफ्तारी के इस ड्रामे की आखिरी 40 मिनट की कहानी.