चमोली के रैणी गांव के ठीक ऊपर रविवार सुबह एक ग्लेशियर टूटता है, जो तबाही सबसे पहले रैणी गांव के लोगों ने ही देखी. ग्लेशियर टूटने की वजह से रैणी गांव के नजदीक ऋषिगंगा और धौलागंगा घाटी में सैलाब आ चुका था, जो लोगों को तिनकों की तरह बहा कर ले गया. रैणी गांव के लोगों ने जब ऋषिगंगा में बड़े बड़े पेड़ और मलबों को बहता देखा, तो अफरातफरी मच गई. हालांकि रैणी गांव नदी से ऊपर होने की वजह से तबाही से बच गया. जब मलबे का सैलाब ऋषिगंगा और धौली के संगम पर पहुंचा, तो तबाही मच गई. ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट का काम चल रहा था. चालीस से ज्यादा मजदूर और कर्मचारी साइट पर मौजूद थे. अचानक आए सैलाब ने उन्हें टनल में फंसा दिया. हालांकि टनल में फंसे 16 लोगों को तो बचा लिया गया, लेकिन अब भी बहुत से लोग टनल के अंदर फंसे हुए हैं. ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो चुका है. क्या है पहाड़ों का दर्द, देखें वारदात, शम्स ताहिर खान के साथ.