उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की मझवां विधानसभा सीट आजादी के बाद 1952 से लेकर 1969 तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी. जब यह सीट 1974 में सामान्य हुई हुई तो इसको प्रदेश की राजनीति में वीआईपी विधानसभा सीट का दर्जा मिला. क्योंकि, इस सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता लोकपति त्रिपाठी, रुद्र प्रसाद और बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भागवत पाल चुनकर विधान सभा पहुंचते थे, मंत्री बनते थे.