सब्जियों के दाम बढ़े, फिर रेल और उसके बाद तेल. मोदी की महंगाई वाली मुसीबतों को बढ़ाने के लिए इतने ही कम नहीं थे, जो मॉनसून के भी कमजोर होने की आहट खुद सरकार को सुनाई पड़ने लगी है. मौसम वैज्ञानिकों से लेकर सरकार तक को लगने लगा है कि सूखा पड़ने वाला है.