चीन ध्यान से सुन ले. लद्दाख में उसके पास अब एक ही रास्ता है और ये रास्ता वापस चीन की तरफ जाता है. मोदी सरकार ने चीन को दो टूक कह दिया कि वो आंख न दिखाए. वहीं भारतीय सेना ने अब ठान लिया है कि वो चीन को पीछे धकेल कर ही मानेगी. भारत के कड़े रुख के बाद चीन के राजदूत ने नरमी के संकेत दिए हैं लेकिन ये एक पैंतरे से ज्यादा और कुछ नहीं है. देखें वीडियो.