नवाज शरीफ ने पाकिस्तान की बागडोर संभालते ही ऐलान किया था कि हिंदुस्तान से दोस्ती के घोड़े को सरपट दौड़ाएंगे, लेकिन नियंत्रण रेखा पर दोस्ती का वो घोड़ा आतंकवाद और पाकिस्तानी फौज के हाथ लग गया. अंजाम ये हुआ कि शरीफ के राज में ही एलओसी पर सौ से ज्यादा बाद पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा.