Rajasthan News: जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के नाके के नीचे से एक मुलजिम पुलिस कस्टडी से फरार हो गया. साइबर ठगी के एक प्रकरण में पहले से फरार चल रहे आरोपी दीपक सिंह को एक दिन पहले ही साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था. लेकिन बीती रात ही पुलिस को चकमा देकर शातिर ठग फरार हो गया. घटना के वक़्त आरोपी के हाथों में हथकड़ी भी लगी थी और पुलिस का कड़ा पहरा भी था. लेकिन फिर भी भागने में कामयाब रहा. हालांकि, रात भर पुलिस मुलजिम को ढूढ़ती रही और पूरे जयपुर में नाकाबंदी भी करवा दी. लेकिन अभी तक आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा है.
घटना बीती रात 8.40 बजे की है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के कमरा नंबर 27 में 2 दिन की रिमांड पर चल रहे आरोपी दीपक सिंह से पूछताछ चल रही थी. पूछताछ खत्म होने के बाद पुलिस ने आरोपी के हाथ में हत्था लगा एक कोने में बैठा दिया. इसी दौरान जांच अधिकारी कुछ दस्तावेजों की छानबीन कर रहे थे, तभी देखा अचानक आरोपी गायब हो गया. पता चला कि शातिर ठग ने हत्थे को अनलॉक कर खिड़की से छलांग लगा अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो गया.
पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपक सिंह सवाईमाधोपुर जिले के खंडार के पास काछड़ा का रहने वाला है, जो साइबर फ्रॉड के लिए फेक अकाउंट बनवाता था. जिसको सोमवार को ही पुलिस ने साइबर ने गिरफ्तार किया था. इससे पहले इसी प्रकरण में 2 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन दीपक सिंह फरार चल रहा था, जिसे पुलिस दबोचकर साइबर थाने ले आई थी.
हालांकि, साइबर थाने में रिनोवेशन का काम चल रहा था और हवालात भी नहीं है, ऐसे में आरोपी को कमिश्नरेट के कमरे में अंदर कैद कर रखा था. लेकिन पुलिस को गच्चा देकर भाग निकला. जहां से शातिर ठग फरार हुआ है, वहां जयपुर पुलिस कमिश्नर सहित तमाम आलाधिकारी बैठते हैं. ऐसे में आरोपी का पुलिस के चंगुल से भागना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है.